प्रबंधक संदेश -

कश्यपस्य कुलेजातो बच्चा सिंहो जनैः श्रुतः।
तदीयोहि तनूजन्मा जातो राज बहादुरः।। 1।।

तत्पत्नी शान्ती देवी पुत्ररत्नमजीजनत्।
श्री नरेन्द्र प्रतापोऽयं नाम्ना लोकेषु विश्रुतः।। 2।।

महाविद्यालयस्यास्य स्थापनां कृतवान सुधी।
नूनं ज्ञान यज्ञस्य विज्ञानं मोमुदीतितम् ।। 3।।

बी0 एम0 जी0 डिग्री कालेज के संस्थापक/प्रबन्धक इन्जीनियर श्री एन0 पी0 सिंह जी ने वेदोक्त तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु (मेरा मन शुभ संकल्पों वाला हो) से प्रेरित होकर इस महाविद्यालय की नींव रखी इनके सराहनीय प्रयासों के माध्यम से प्रयाग से 35 किमी सुदूर दक्षिणांचल मे पवित्र तमसा नदी के पश्चिमी छोर पर अवस्थित बघेड़ा ग्राम में इस महान शिक्षा मन्दिर की स्थापना 2012 में की गयी जिसे आज उस क्षेत्र में आदर्श विद्या मन्दिर के रूप में जाना जाता है। प्रबन्धक श्री एन0 पी0 सिंह जी के कुशल नेतृत्व एवं विज्ञ मार्गदर्शन में आज यह महाविद्यालय ग्रामीण क्षेत्र के छात्र / छात्राओं के लिये शिक्षा के द्वारा उन्हे अग्रणी बनाने हेतु तत्पर है। मकैनिकल में इन्जीनियरिंग की शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात् प्रबन्धन के क्षेत्र में अग्रणी कार्य करते हुए जापान, जर्मनी जैसे विकसित राष्ट्रों में भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से सामाजिक एवं व्यावहारिक कार्यो का अनुभव प्राप्त किया तत्पश्चात प्रेरित होकर भारतीय महिला ग्रामोद्योग संस्थान की नींव रखी। आज यह संस्था सम्पूर्ण भारतवर्ष में अपने सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जानी जाती है। इस संस्थान द्वारा भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों में शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किये जा रहे है जिससे हर वर्ग के लोग लाभान्वित हो रहे है और उनके अन्दर स्वावलम्बन की भावना जागृत हो रही है। इसी कड़ी में बी0 एम0 जी0 संस्थान द्वारा बी0 एम0 जी0 डिग्री कालेज की स्थापना का शुभ संकल्प लेते हुए 09-12-2008 को तात्कालिक " आयुक्त " इलाहाबाद मण्डल श्री डी0 एन0 दुबे एवं हमारे यशस्वी " प्रबन्धक " श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह जी के द्वारा इसकी आधारशिला रखी गयी । इतना श्रेष्ठ और पुनीत कार्य करने का अवसर शायद सभी को प्राप्त नही होता । 2014-15 में महाविद्यालय को प्रारम्भ में कला संकाय के अन्तर्गत स्नातक स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई और विगत तीन वर्षो में हमारे प्रबन्धक द्वारा अनवरत् प्रयासों के माध्यम से इस महाविद्यालय में तीन और संकायों में वृद्धि हुई। आज इस महाविद्यालय में कला संकाय के साथ साथ विज्ञान संकाय में वाणिज्य संकाय और शिक्षा संकाय में विद्यार्थीगण विद्या अर्जन कर रहे हैं।

संदेश

( शिक्षित छात्र - उज्जवल भविष्य )

विद्या ददाति विनयम् इसी मूल अवधारणा से यह महाविद्यालय इस आशय के साथ संचालित किया जा रहा है कि छात्र/छात्राओं में विद्या के प्रसार के साथ ही साथ नैतिकता का विकास सम्भव हो सके जिससे वे स्वावलम्बन के साथ.साथ समाज के प्रति भी उत्तरदायी बने रहे तथा देश.विदेश की आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जुड़कर शिक्षा की मूल धारा से जुड़े रहे।

दूरदर्शिता एवं अभियान

प्रयाग के सुदूरवर्ती दक्षिणांचल क्षेत्र में शिक्षा की लौ जलाकर अज्ञानरूपी तिमिर को दूर कर ज्ञान रूपी रश्मि के माध्यम से सम्पूर्ण क्षेत्र को आलोकित करने का जो अभियान प्रारम्भ हुआ है वह सतत़् निर्बाध रूप से अग्रसर होता रहेगा जिससे गरीब, वंचित क्षेत्र के छात्र /छात्राओं हेतु पठन पाठन सुलभ हो सकें। इसी आकांक्षा के साथ इस महाविद्यालय को भविष्य में प्रयागराज का प्रधान शिक्षा मन्दिर बनाने की योजना के साथ सतत् प्रयत्नशील हैं।

श्री एन0 पी0 सिंह (संस्थापक /प्रबन्धक)